श्री.अशोक भवरलालजी जैन
भगवान ऋषभदेव जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर हैं। जिन्होंने प्रजा को ‘असि’ (शस्त्र-कार्य), ‘मसि’ (लेखन-कार्य), ‘कृषि’ (खेती), ‘विद्या’, ‘शिल्प’ और ‘वाणिज्य-व्यापार’ जैसे छह कर्मों का ज्ञान दिया। ऋषभदेव ने ही ‘कृषि करो या ऋषि बनो’ का उपदेश दिया, जिससे कृषि और आध्यात्मिक जीवन दोनों का महत्व स्थापित हुआ। ‘मेरे पिताजी भी यही कहते थे की मैने भगवान ऋषभदेव की कृषि संस्कृति अपनाई है।’ किसानों की उन्नति के बारे में विचार करते हुए मुझे यह सब याद आता है।
देश में 2014 का चुनाव ऐतिहासिक रहा, जिसमें नरेंद्र मोदीजी के नेतृत्व में भाजपा को भारी जीत मिली और भारतीय राजनीति में ‘मोदी पर्व’ का एक नया युग प्रारंभ हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीजी के नेतृत्व वाली सरकार ने पहली बार सत्ता में आने के बाद किसान, कृषि और सिंचाई क्षेत्रों को अपनी नीतियों के केंद्र में रखा।
भारत में ड्रिप सिंचाई तकनीक सर्वप्रथम 1987 में जैन इरिगेशन के संस्थापक अध्यक्ष भवरलालजी जैन इन्होने शुरू की थी। “प्रति बूंद अधिक फसल” (per drop more crop) लानेवाली यह संकल्पना थी। मोदी सरकार की “हर खेत को पानी” योजना उसी दिशा में आगे बढ़ने के प्रयास हैं। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (पीएमकेएसवाई) का व्यापक उद्देश्य सिंचाई में निवेश को एकीकृत करना, कृषि योग्य भूमि का विस्तार करना, और पानी की बर्बादी को कम कर जल उपयोग दक्षता में सुधार करना।
जैन इरिगेशन के संस्थापक अध्यक्ष भवरलालजी जैन हमेशा कहते थे कि, ‘छोटे किसान उद्यमी हैं और उन्हें सम्मान के साथ-साथ उच्च आय भी मिलनी चाहिए।’ मोदी सरकार ने सत्ता में आते ही उसी दिशा में काम करना शुरू किया और किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य रखा। जैन इरिगेशन हर साल केले की 13 करोड़ से अधिक रोगमुक्त टिशू कल्चर पौधे तैयार करता है। इससे केले की निर्यात बढ़ी है, उत्पादन बढ़ा है और किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है।
2014 से सरकार द्वारा किए गए प्रयासों को मुख्य रूप से तीन श्रेणियों में बांटा जा सकता है। किसान कल्याण, कृषि सुधार और सिंचाई। 2016 में शुरू की गई प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का उद्देश किसानों को बीमा कवर और वित्तीय सहायता प्रदान करना है। इसमें किसानों के लिए प्रीमियम की दरें बहुत कम रखी गई हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना मोदी सरकार का मास्टर स्ट्रोक साबित हुई है। इसके तहत छोटे और सीमांत किसानों को वित्तीय सहायता दी जाती है। सभी पात्र किसान परिवारों को प्रति वर्ष ₹6000 की आर्थिक सहायता तीन समान किस्तों में सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाती है। लगभग 9.8 करोड़ किसानों को इसका लाभ मिल रहा है। किसानों को आसान और सस्ता ऋण उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने केसीसी योजना का विस्तार किया। मार्च 2024 तक देश में 7.75 करोड़ किसान क्रेडिट कार्ड सक्रिय हैं। इसके तहत किसानों को 9.81 लाख करोड़ रुपये की राशि आवंटित की गई है।
मोदी सरकार ने एमएसपी की दरों में बढ़ोतरी की है । केंद्रीय कृषि मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार ने अपने दस साल के कार्यकाल में किसानों को एमएसपी के रूप में ₹7,04,339 करोड़ दिए, जबकि मोदी सरकार ने अब तक यह राशि ₹23,12,267 करोड़ तक पहुंचा दी है।
पिछले एक दशक में कृषि क्षेत्र की चुनौतियों का समाधान करने और किसानों की स्थिति में सुधार लाने के लिए सरकार ने बहुआयामी दृष्टिकोण अपनाया है। जैन इरिगेशन भी निरंतर अनुसंधान के माध्यम से किसानों के जीवन स्तर में बदलाव लाने का प्रयास कर रहा है। क्या की किसान खेती की आत्मा है, जीवनदाता-अन्नदाता है। भारत आज “विश्व बंधु” है, कल “विश्व गुरु” बनेगा और भारत के विकास में कृषि का योगदान महत्वपूर्ण रहेगा।
